Green Tea benefits – ग्रीन टी के फायदे1 min read

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Green Tea मतलब हरी चाय एक प्रकार की चाय है जिसका सेवन करना सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद है।

हरी चाय कैमेलिया साइनेन्सिस  नामक पौधे की पत्तियों से बनायी जाती है।

इसके बनाने की प्रक्रिया में ऑक्सीकरण न्यूनतम होता है।

Green tea शरीर की रोग प्रतिकारक शक्ति को भी बढाती है।

चीन में green tea हुआ था।

इसका का फ्लेवर ताज़गी से भरपूर और हल्का होता है तथा स्वाद सामान्य चाय से अलग होता है।

एक दिन में ३००-४०० मिलीग्राम ग्रीन टी पर्याप्त होती है।

Green tea के फायदे

  • ग्रीन टी में एल थिएनिन नामक एमिनो एसिड पाया जाता है, जो तनाव को कम करने में काफी कारगर होता है।
  • ग्रीन टी एंटी-एजिंग के साथ-साथ एंटी-ऑक्सीडेंट का काम भी करती है।
  • यह चाय कालेस्ट्रोल को भी नियत्रित करने में सहायक होती है।
  • अति व्यस्तता के कारण नियमित व्यायाम न कर पाने वाले लोगों के लिये उन्हें ग्रीन टी का नियमित सेवन करना काफी लाभदायक सिद्ध होता है।
  • ग्रीन टी के नियमित सेवन से न सिर्फ वजन नियंत्रित होता है ,
  • बल्कि उनमें कई तरह की बीमारियों के होने की संभावना भी कम हो जाती है।
  •  जापान में आमतौर पर लोग खाने के दौरान भी ग्रीन टी का सेवन करते हैं जो खाना पचाने में तो मदद करती ही है।
  • एक व्यस्क व्यक्ति द्वारा इसका नियमित सेवन कई रोगों से छुटकारा ही नहीं दिलाता बल्कि कई रोगों के प्रति शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाती है।
  •  इसके सेवन से मस्तिष्क के उत्तकों को मृत होने से रोका जा सकता है।
  •  इसका प्रयोग शरीर में उपापचय दर या वसा ऑक्सीकरण को भी बढ़ाता है।
  •  इसके सेवन से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से भी बचा जा सकता है।
  • green tea  हृदय रोग से भी सहायक सिद्ध होती है।

Green tea के कुछ अन्य फायदे

  • अध्ययनों के अनुसार दांतों के लिए भी ग्रीन-टी काफी लाभदायक है।
  • ग्रीन टी में पॉलीफिनोल्स होते हैं, जो दांतों को केविटी से बचाते हैं।
  •  जीवाणु, विषाणु और गले के संक्रमण से भी यह बचाव करती है।
  • एंटी इंफ्लेमेटरी होने के कारण इसमें दर्द को कम करने की क्षमता होती है।
  • ग्रीन टी यकृत की दो तरह से सुरक्षा करती है। पहले तो यह लीवर की कोशिकाओं की सुरक्षा करती है और दूसरे प्रतिरोधी प्रणाली को भी मजबूत बनाती है।
  •  इसमें उपस्थित कुछ एंटी-ऑक्सीडेंट्स ऑर्थराइटिस के खतरे को कम भी करते हैं।
  •  गर्भावस्था के दौरान यह शरीर को लौह, कैल्शियम और मैग्नेशियम की मात्रा देती है।

ग्रीन-टी  के बारे में कुछ बाते

  1.  ग्रीन टी दूध नहीं मिलाना चाहिए क्योंकि इससे उसकी एंटी-आक्सीडेंट तत्व समाप्त हो जाती है।
  2. ग्रीन टी को भाप पर बनाना चाहिए।
  3. Green tea में कैफीन होता है लेकिन वह काम मात्रा में होता है।
  4. रात को सोते वक्त और भूख लगने पर कैफीन नहीं पीना चाहिये। रात को पीने से यह भूख बढ़ाता है और नींद में समस्या आती है। जबकि ग्रीन टी रात में भी पी सकते हैं, क्योंकि इसमें सिर्फ कैफीन की मात्रा कम होती है।

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