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मनुष्य के शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द हो तो मनुष्य परेशान हो जाता है| आज हम दांत दर्द की बात करेंगे| दांत में दर्द किसी भी व्यक्ति के लिए बेहद तकलीफदेह स्थिति होती है। कई बार यह दर्द इतना तकलीफदेह होता है, कि व्‍यक्ति के सोचने-समझने की क्षमता पर भी असर डाल देता है। लेकिन, इस दर्द से राहत पाने के लिए हम कुछ आसान से घरेलू उपाय अपना सकते हैं।

दांत में दर्द क्यों होता है

आज से 100 साल पहले के इंसानों में दांत में दर्द की कोई समस्या नहीं थी, उनके दांत 70-80 की उम्र में भी सफेद और मजबूत रहते थे| तो फिर क्या वजह होगी     की उनके दांत इतनी उम्र तक भी सही सलामत रहते थे बल्कि उस समय में तो किसी भी तरह के Teeth Pain Treatment Experts नहीं हुआ करते थे, फिर भी उनके दांत इतने लम्बे समय तक कैसे ठीक रह पाते थे|

दांतों में Sensitivity होना, खाने को चबाने में तकलीफ होना, पानी पीते समय दर्द होना, खाना खाते समय दर्द होना, एक दम से दांत दर्द होना आदि सभी दांतों के कमजोर होने के मुख्य लक्षण है|

दांतों में दर्द के कारण

जब हम कुछ खाते है तो उस खाने का कुछ हिस्सा हमारे दांतों पर ही रह जाता है, जैसे सब्जी, चोकोलेट कोई चिपचिपा पदार्थ यह हमारे दांतों में फंस जाते है| यह चीजें दांतों में सडन पैदा करती है| जिससे दांत धीरे- धीरे कमजोर होते जाते है|

खाना खाने के बाद हम पानी से कुल्ला नही करते जिसकी वजह से दांत ठीक से साफ नही हो पाते है| पहले हम कुछ भी खाने के बाद कुल्ला कर के अपना मुह साफ कर लिया करते थे| और आज के समय में कुल्ला करना बेशर्मी का प्रतीक के जैसा हो गया है, इसलिए अगर आप दांतों को साफ और मजबूत रखना चाहते है तो कुछ भी खाने के बाद कुल्ला करना न भूले|

दांत दर्द के लक्षण

दांत में दर्द या जबड़े का दर्द ये दोनों आम प्रकार कि समस्याएं हैं। किसी बहुत गर्म या ठंडी चीजों के सेवन से होने वाली उत्तेजनाएं बढ़कर दर्द का रूप बन जाती है। उत्तेजना खत्म होने के बाद भी दातों में लगभग 15 सेकिंड तक दर्द होता रहता है। दर्द की जगह पर सूजन बढ़ने के साथ-साथ, दर्द भी और गंभीर होता रहता है। इसका दर्द और सूजन गाल, कान और जबड़े तक फैल जाता है। इसके अलावा कुछ अन्य संकेत और लक्षण जिनमें ज्यादा देखभाल करने की जरूरत हो सकती है, जैसे

 कुछ चबाने के दौरान दर्द
 ठंडे और गर्म चीजों से ज्यादा संवेदनशीलता
 दातों और मसूढ़ों के बीच की पकड़ कमजोर होना और खून बहना
 दातों के चारों तरफ या जबड़े में सूजन आना
 दांत कि जगह पर चोट या आघात

कई बार ये संकेत और लक्षण, दातों में सड़न, फ्रैक्चर या मसूढ़ों के रोगों से जुड़े होते हैं। दातों के चारों तरफ मसूढ़ों का लाल होना या दातों में सड़न, आम तौर पर ये दोनो ही दर्द के मूल कारण होते हैं। अगर आप संक्रमित दांत को दबाते हैं या उसे हिलाने की कोशिश करते हैं तो इस स्थिति में दर्द और तीव्र हो जाता है। ऐसा होने पर भले ही बाहर से दांत स्वस्थ दिखे मगर यह लक्षण दांत में हो रही समस्या के बारे में बतातें है।

दांत दर्द के कुछ घरेलू और असरदार इलाज

लौंग: लौंग में औषधीय गुण होते हैं, जो बैकटीरिया एवं अन्य कीटाणु (जर्म्स) का नाश करते हैं। चूँकि दांत दर्द का मुख्य कारण बैकटीरिया एवं अन्य कीटाणु का उत्पन होना है, जिससे दांत दर्द गायब होने लगता है। घरेलू उपचार में लौंग को उस दांत के पास रखा जाता है, जिसमें दर्द होता है। लेकिन दर्द कम होने की प्रक्रिया थोड़ी धीमी होती है, इसलिए इसमें धैर्य की जरुरत होती है।

नमक का पानी: नमक के पानी से कुल्ला करने के लिए आप आधा चम्मच नमक को एक गिलास गर्म पानी में मिलाएं और उससे मुँह के गरारे करें।

प्याज: प्याज दांत दर्द के लिए एक उत्तम घरेलू उपचार है। जो व्यक्ति रोजाना कच्चा प्याज खाते हैं उन्हें दांत दर्द की शिकायत कम रहती है क्योंकि प्याज में कुछ ऐसे औषधीय गुण होते हैं जो मुंह के जर्म्स, जीवाणु एवं  बैकटीरिया को नष्ट कर देते हैं। अगर आपके दांत में दर्द है तो प्याज के टुकड़े को दांत के पास रखें अथवा प्याज चबाएं। ऐसा करने के कुछ हीं देर बाद आपको आराम महसूस होने लगेगा।

ठंडा पानी: आपके दांत दर्द करने के साथ-साथ किसी भी अन्य दर्द को ठीक करने के लिए कोल्ड कंप्रेस का उपयोग कर सकते हैं, यदि आपके दांतों में किसी प्रकार से दर्द हो रहा है, तब आप एक ठंडा संपीडन अपने दांतो पर उपयोग कर सकते हैं, ऐसा करने पर ठंडा एहसास उस क्षेत्र की रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देता है, जिससे वहां का दर्द कम हो जाता है| इसका उपयोग दर्द और सूजन दोनों को कम करने में कर सकते हैं।

लहसुन: लहसुन में जीवाणुनाशक तत्व होते हैं। लहसुन की एक कली थोडे से सैंधा नमक के साथ पीसें फ़िर इसे दुखने वाले दांत पर रख कर दबाएं। तत्काल लाभ होता है। प्रतिदिन एक लहसुन कली चबाकर खाने से दांत की तकलीफ़ से छुटकारा मिलता है।

तंबाखू: तंबाखू और नमक महीन पीसलें। इस टूथ पावडर से रोज दंतमंजन करने से दंतशूल से मुक्ति मिल जाती है।

बिडंग और फ़िटकरी: बाय बिडंग १० ग्राम,सफ़ेद फ़िटकरी १० ग्राम लेकर तीन लिटर जल में उबालकर जब मिश्रण एक लिटर रह जाए तो आंच से उतारकर ठंडा करके एक बोत्तल में भर लें। दवा तैयार है। इस क्वाथ से सुबह -शाम कुल्ले करते रहने से दांत की पीडा दूर होती है और दांत भी मजबूत बनते हैं।

बर्फ़: बर्फ़ के प्रयोग से कई लोगों को दांत के दर्द में फ़ायदा होता है। बर्फ़ का टुकडा दुखने वाले दांत के ऊपर या पास में रखें। बर्फ़ उस जगह को सुन्न करके लाभ पहुंचाता है।

पुदिना: पुदिने की सूखी पत्तियां पीडा वाले दांत के चारों ओर रखें। १०-१५ मिनिट की अवधि तक रखें। ऐसा दिन में 5 बार करने से लाभ मिलेगा।

हींग और नींबू: दो ग्राम हींग नींबू के रस में पीसकर पेस्ट जैसा बनाले। इस पेस्ट से दंत मंजन करते रहने से दंतशूल का निवारण होता है।

अमरूद के पत्ते: अमरूद के पत्तों में एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं, जो कि घाव को भरने में मदद कर सकती हैं, इसके साथ ही साथ अमरूद के पत्तों में एंटी माइक्रोबियल प्रॉपर्टी होती है, जो कि मुंह के रोगाणुओं को खत्म करने में सहायता करती है। अमरूद के पत्तों से मुंह को संपूर्ण स्वास्थ्य प्राप्त होता है इससे दर्द सूजन के साथ-साथ मुँह में हुए छालों से भी राहत प्राप्त होती है।

गेहूं की घास: गेहूं की घास में ऐसे कई गुण मौजूद होते हैं जो कि आपके शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं यह आपके मुंह में आ रहे सूजन को भी दूर कर सक ती है और संक्रमण को रोक सकती है इस में पाया जाने वाला क्लोरोफिल बैक्टीरिया को मारने का काम करता है।

दांत में दर्द के मरीजों को इन चीजों से बचने की कोशिश करनी चाहिए

 एस्पिरिन या अन्य पेन किलर दवाओं को सीधे अपने मसूढ़ों में ना लगाएं। एस्पिरिन जैसी दवाएं मसूढ़ों को जला सकती हैं, या उन दवाइयों में शामिल रासायनिक पदार्थ मसूढ़ों के ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

 प्रभावित जगहों पर सीधे गर्म चीजों के लगने से बचें|

 डेंटिस्ट के उपचार चलने के दौरान मीठा खाना सिमित कर दें या छोड़ दें। क्योंकि मीठे पदार्थ बैक्टिरिया के लिए भोजन का काम करता है। जिससे बैक्टिरिया क्रियाशील हो जाते हैं और दातों के कमजोर हिस्सों में हमला करते हैं जिससे दर्द होने लगता है।

 बच्चों को डॉक्टरों द्वारा सुझाई गई दवाइयां ही दें। एंटीबायोटिक्स और एंटीसेप्टिक की दवाओं को हर समय अपने पास रखने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इसका कुछ पता नहीं है कि दांतों में दर्द होना मौखिक स्वास्थ्य को किस हद तक नुकसान पहुंचा सकता है।

 जब तक डेंटिस्ट दातों के दर्द की गंभीरता को निर्धारित नहीं करते तब तक पेनकिलर लेने की ज्यादा जल्दी मत करें।

दांत में दर्द के दौरान प्रयोग में लाए जाने वाले कुछ बेहतर खाद्य

सिका हुआ या उबला आलू – दांत में दर्द के रोगी के लिए यह सबसे बेहतर खाद्य पदार्थों में से एक है। इसको सबसे बेहतर भोजन कहा जाता है, इसको पकने में भी बहुत ज्यादा समय नहीं लगता। इसके अलावा आप इसको मन भरके खा सकते हैं, इससे पेट जल्दी भरता है और इसको पचाने के लिए शरीर को ज्यादा प्रयास करने की जरूरत भी नहीं पड़ती है। सिके हुए आलू कमजोर दातों के लिए आदर्श रहते हैं।

सूप– दातों के दर्द के दौरान किसी सूप का सेवन कर सकते हैं, बहुत सारी सब्जियां हैं जिनका का सूप दांत दर्द के दौरान एक बढ़िया विकल्प है इसके अलावा चिकन और मछली का सूप आदि में से किसी भी सूप का सेवन किया जा सकता है। ये सभी दांत दर्द के दौरान सेवन की जाने वाली सबसे बेहतर सामग्री में से एक हैं। हालांकि, जब ये ठंडे हो जाएं तब ही इनका सेवन करना चाहिए

सैंडविच– दांत दर्द में खाने के लिए सैंडविच भी बहुत बढ़िया माना जाता है। नरम और क्रस्ट के बिना ब्रैड से बना सैंडविच, जिन व्यक्तियों के दांत में दर्द है उनके लिए बेहतर हो सकता है। नरम ब्रैड की सैंडविच में आप अंडे और पनीर की स्लाइस, पीनट्स बटर मूंगफली का मक्खन आदि शामिल कर सकते हैं।

कॉटेज पनीर– दांत दर्द के दौरान भूख मिटाने का यह सबसे बढ़िया साधन हो सकता है। कॉटेज पनीर को अपने आप में एक बहुत बढ़िया कॉम्बो माना जाता है। इसे चबाने के लिए दांतों को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती। कॉटेज पनीर, दांत दर्द के दौरान भूख खत्म करने के लिए बेहतर तरीका हो सकता है।

स्पैगेटी- यह एक प्रकार की मकारोनी होती है। दांत दर्द के दौरान इसका सेवन करना भी बिना ज्यादा कष्ट उठाए भूख मिटाने का एहसास दिला सकता है।

आइसक्रीम– दर्द के दौरान एक स्वादिष्ट भोजन के विकल्प के रूप में आइसक्रीम हो सकती है। आइसक्रीम भी दांत दर्द के दौरान बढ़िया है क्योंकि इसको चबाने की जरूरत नहीं पड़ती। बल्कि यह माना जाता है कि आइसक्रीम दांत दर्द से कुछ समय के लिए राहत दिला देती है।

दही– दही को भी चबाने की जरूरत नहीं पड़ती, और यह अपने आप में परिपूर्ण आहार भी है। दांत दर्द में दही का सेवन बहुत बढ़िया हो सकता है। दही और ऊपर बताए गए सिके आलू को मिलाकर भी खाने के लिए एक बहुत बढ़िया और स्वादिष्ट भोजन तैयार किया जा सकता है।

निम्न लक्षण होने पर आपको दांत के डॉक्टर के पास जाने की आवश्यकता है

1. दांत दर्द के साथ बुखार आना

2. श्वास लेने या निगलने में परेशानी होना

3. सामान्य दर्द से अधिक दर्द जो कि 1 या 2 दिन से लगातार जारी है

4. दातों में अत्यधिक सूजन के साथ दर्द होना

5. चबाते समय या किसी चीज को काटते समय दर्द होना

6. मसूड़ों में सूजन तथा उनका लाल होना

7. दातों में स्वाद का अनुभव ना होना या मवाद का होना

इस प्रकार की कोई भी लक्षण यदि आपको महसूस होते हैं तो आप अपने दंत चिकित्सक के पास अवश्य जाएं यदि आपका दर्द बहुत अधिक है तो आप ओवर द काउंटर दर्द निवारक जैसे कि आइबूप्रोफेन (Ibuprofen) की मदद ले सकते हैं यह आपको दंत चिकित्सक तक पहुंचने के लिए दर्द कम करने में सहायता करेगी।

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