मशरूम की खेती का व्यवसाय कैसे शुरू करें How to Start Mushroom Farming Business4 min read

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मशरूम क्या है? What is Mushroom

मशरूम एक विशेष प्रकार की कवक फफूंद का फलनकाय है, जिसे फुटु, छत्तरी, भिभौरा, छाती, कुकुरमुत्ता, ढिगरी आदि नामों से जाना जाता है। मशरूम खेतों में, मेढ़ों में, वनों में प्राकृतिक रूप से विभिन्न प्रकार के माध्यमों में निकलते है। इनमें खाद्य, अखाद्य, चिकित्सीय, जहरीले एव अन्य मशरूम होते है। खाद्य मशरूम ग्रामीणों द्वारा बहुतायत में पसंद किये जाते है। वैज्ञानिकों ने इन जंगली मशरूमों को एकत्र कर प्रयोगशाला में इनके विकास का पूर्णरूपेण अध्ययन किया एवं इनकी उत्पादन विधि विकसित की। आज अनेक प्रकार के मशरूम को न केवल प्रयोगशाला में उगाया जा रहा है, वरन उनकी व्यावसायिक खेती कर उनका निर्यात एवं आयात कर कृषि अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। मशरूम उत्पादन में भारतवर्ष पिछड़ा है। यहाँ पर मशरूम अनुसंधान एवं उत्पादन वृद्धि दर संतोषप्रद है भारतवर्ष में आज लगभग 1.00 लाख टन मशरूम का उत्पादन हो रहा है, जिसमें 85 प्रतिशत हिस्सा सफ़ेद बटन मशरूम का है। दूसरे क्रम में आयस्टर, पैरा मशरूम एवं दूधिया मशरूम है।

मशरूम “कुकुरमुत्ता” नहीं अपितु फफूंदों का फलनकाय है, जो पौष्टिक, रोगरोधक, स्वादिष्ट तथा विशेष महक के कारण आधुनिक युग का एक महत्वपूर्ण खाद्य आहार है। बिना पत्तियों के, बिना कलिका, बिना फूल के भी फल बनाने की अदभूत क्षमता, जिसका प्रयोग भोजन के रूप में, टानिक के रूप में औषधि के रूप में सम्पूर्ण उत्पत्ति बहुमूल्य है। प्रथम पंक्ति मशरूम की आकारिकी एवं दैहिक कार्यों का वर्णन करती है एवं दूसरी पंक्ति इसमें निहित पौष्टिक एवं औषधीय गुणों की विशेषता बताती है।

मौसम की अनुकूलता एवं सघन वनों के कारण भारतवर्ष में पर्याप्त प्राकृतिक मशरूम निकलता है। ग्रामीणजन इसका बड़े चाव से उपयोग करते है। उनकी मशरूम के प्रति विशेष रूचि है इसीलिये इन क्षेत्रों में व्यावसायिक स्तर पर उत्पादित आयस्टर एवं पैरा मशरूम की अधिक मांग है। कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र में किये गये अनुसंधान कार्य से यह निष्कर्ष निकाला गया है की इस क्षेत्र में व्यावसायिक स्तर पर चार प्रकार के मशरूम उगाये जा सकते है:

मशरूम का प्रकार (Type Of Mushroom )

S.No           Type Of Mushroom                            Period  
   1.       बटन मशरुम (Button Mushroom )                    Oct To March
   2.        दूधिया मशरूम (Milky Mushroom )                       March To July
   3.      ऑइस्टर मशरूम (Oyster Mushroom )                      July To March
    4.       साइटका मशरूम (Siteka Mushroom)
Type Of Mushroom In India

मशरूम के फायदे: (Benefits Of Mushroom:)

मशरूम खाने के क्या फायदे है। मशरूम का किस चिज में इस्तेमाल होता है।

  1. मशरूम खाने से कैंसर जैसे घटक बीमारी को कम किया जा सकता है।
  2. इसके खाने से पचन-तंत्र (पाचन तंत्र) का मजबूर बना है।
  3. इसे हार्ट पेशेंट को आराम पहुता है।
  4. लेंटेनैन आंत, अग्नाशी, आहार-नाल, लीवर, फेफड़े का कैंसर को कम करता है।
  5. चीनी लोगो के अनुसार मशरूम पुरुषस्तव और सेक्स भी खराब है।
  6. किडनी की कामजोरी को दूर करता है।
  7. मशरूम खाने से ब्लड में अपस्थित कोलेस्ट्रॉल को कम करता है।
  8. इस रक्तचाप को कम किया जा सकता है।
  9. इस्से तयार दावा का प्रयोग
    ✤ मानसिक तनव काम करने,
    ✤ मोटापा काम करने,
    ✤ बावशीर को ख़तम करने में,
    ✤ मधुमेह (मधुमेह) को कम करने में,
    ✤ एड्स के ऊपर में किया जाता है।
  10. मशरूम निरंतर रूप से सेवन करने से फेस को प्लम्पिंग (गोल मतोल) होता है इसमे विटामिन-डी, सेलेनियम, और एंटीऑक्सीडेंट होता है।
  11. मशरूम में आयरन की मटर अधिक पाई जाती है।जीसस या झड़ते बालो को काम कर देता है

सामग्री (Meterial)

हम मशरूम बनने के लिए किस-किस चिजो का जरूरत पद शक्ति है।
✤ Fresh Dhaan Ki Bichali फ्रेश धान की बिछली
✤ P.P Polithin(पीपी पॉलिथिन (18 * 26)
✤ Brawestinब्रावेस्टिन
✤ Formalin फॉर्मेलिन
✤ बुझा हुआ चुना
✤ पानी का तब
✤ Spawn पा स्पॉन (बीज)

सुरक्षा (Protection): मशरूम की देख रेखा कैसे करें

  1. मशरूम का प्रोडक्शन एक बैंड कामरे में या अंधेरे में किया जाना चाहिए।
  2. रूम मी डायरेक्ट धूप, हवा या पानी ना जाता हो।
  3. हमशा बिजली लाइट का उपयोग बेहतर होता है।
  4. रूम हमसा साफ रहना चाहिए, किसी को बेवजह अंदर ना जाने दे।

विधि :- मशरूम की खेती कैसे करे। मशरूम की खेती हिंदी में

यदि आप अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं?
5 किलो धन की बिकाली का प्रयोग  5 Kg Dhan Ki Bichali Ka Prayog
पहला दिन: _-

✤ सबसे पहले बिछली को 1-1½ इंच लम्बे टुकड़े करे। और याद रहे धन का भुसा अच्छा और फुफुंड ना लगा रहे।
इसके लिए एक २०० लीटर ड्रामा में ¼ भाग में पानी डालकर २०० मि.ली फार्मिलिन और २० ग्राम ब्रॉस्टिन डालकर अच्छी तरह मिलाने के बाद भूसा डालते हैं। और मिलाये) फिर पानी डाले और फिर भुसा डाले । यही चीज़ आपको बार बार करेंगे जब तक की ड्रम भर ना जाए।


✤  अब ड्रम को किसी चीज़ से ढक दें तकी ड्रम से हवा ना निकले.करीब 12-15 घंटे के बाद भुसे को निकलकर प्लास्टिक सीट या पक्के फ़र्श पर रहते हैं। पानी को निकल कर के धूप में सुखा देते हैं। भुसे में 60% नमि रह जाए।


नोट- सुखे हुए भुसे को हाथ में लेकर जोर से मुठी बंधे हैं, पानी के बंद गिरे तो भुसा और भी सुखेगी। लेकिन पानी ना गिरे तो और थोड़ी नामी रहे तो समझ भुसा 40% शुक चुक्का है।


✤  भुसा सुखने के बाद उसे ठन्डे जगह में रखता है और फिर 200 ग्राम चुना पाउडर चिड़का करके मिला देते हैं।


✤  पीपी पॉलीथिन के आला साथ (सतह) को रबाद (रबर) से बंद देते हैं। तकी पॉलीथिन गोल हो जाए। अब पुवल को 16 * 26yaa 18 * 24 पॉलीथिन बैग के अंदर 4 इंच मोती परात बनते हैं। की साथ समतल हो जाए। फिर इसे ऊपर 50 ग्राम स्पॉन (बीज) किनारे-किनारे दे और थोड़ा सा बिच में दे। फिर उसके ऊपर 4 इंच भुसा (भूसा) दल और कहते हैं। ऐसा हमलोग 4 परत बनते हैं। ऊपर की साथ में स्पॉन ना डेल।

✤ एक पीपी पॉलीथिन में 200 ग्राम स्पान दलते है। अब बैग के ऊपर भाग को रबाद से डबा कर प्योर तैत हेड बैग में थोड़ा हवा जाने के लिए बैग में 25 छोटे छोटे छेद करें।

✤  तैयार किए गए बैग को रूम में लटका दे।

✤  1 महीने में बैग के अंदर से कावाक जल (कवक्जाल।) और भुसा सफेद हो जाता है, फिर पॉलीथिन को काटकर निकल देता है। हर दिन पानी का छिड़काब बैग पर स्प्रे दुबारा करते रहे। तकी नामी बनी रहे।

मशरूम लगाने के बाद क्या होता है?

बैग से प्लास्टिक निकालने के बाद 6 दिन बाद मशरूम निकालना शुरू हो जाता है.
नोट:- आप चाहें तो बैग में से प्लास्टिक नहीं निकाल सकते हैं.
✤ मशरूम को उनग्लियो के बिच फशकर मरोड़कर तोड़ते हैं।
✤ एक बैग से लगाबाग 2 – ढाई किलो मशरूम निकला है।
✤ 2 महीने में मशरूम तोड़ सकते हैं।
✤ मशरूम ६ दिनों से १० दिनों के बाद १० दिनों के बाद निकलता है। कारण तापमान और मानवता

मशरूम व्यवसाय करने से कितना लागत लगेगा और कितना लाभ होगा: –

यदि आप अपना जीवन मशरूम पर निर्भर करना चाहते हैं। यदि आप अपना जीवन मशरूम पर निर्भर करना चाहते हैं

1st. Step

सबसे पहले हम देख सकते हैं कि 25 Bag Spawn से आप कितनी कमाई कर सकते हैं।

   Material   Quantity     Rate   Amount
   Spawn    25 Bag   35(400 Gm)   875/-
   P.P Polythin    1kg   150/Kg    150/-
    Bichali   100 Kg    5/Kg    500/-
    Formalin    1 Liter     300/Liter    300/-
   Brawestin    100gm   80/100gm    80/-
    Rabad  25gm    400/Kg 10/-
Chuna  250gm12/Kg     3 /-
              Total Cost     1918/-

राउंड फिगर में 2000 रुपए का खर्चा आता है।

25 बैग स्पॉन मी 50 बैग पीपी पॉलीथिन यूज होगा.और हर बैग से 2 से 2½ किलो तक मशरूम का प्रोडक्शन होता है।

Production = 50*2kg=100 KgSale/Kg   =                   120 Rupee                                    12000/-·      Total Net Profit   12000-2000=10000/-

जितना अधिक आप निवेश करेंगे, उतना ही आपको हमेशा 4 गुना लाभ मिलेगा।

2nd. Step

अगर आप 200 बैग स्पॉन का इस्तेमाल करते हैं तो आप देख सकते हैं कि आप 2-3 महीने में कितना बिजनेस कर सकते हैं।

   Material   Quantity    Rate    Amount
   Spawn   200 Bag   35/Bag   7000/-
   P.P Polythin    8kg   150/Kg   1200/-
   Bichali   800kg    5/Kg    4000/-
   Formalin   10liter    2600/10 Liter   2600/-
   Brawestin    800gm   80/100gm    640/-
   Rabad   150gm   400/Kg    60/-
   Chuna    2kg   10/Kg    20

Total Cost   ==== 15520 Rupee

प्रोडक्शन Production == 200 बैग स्पॉन मतलब की 400 बैग पीपी पॉलीथिन भरेगा। तो हर बैग से 2 किलो मान लेते हैं।

Production = 400 *2kg=800 Kg

Sale/Kg = 800kg * 120(Sale)== 96000rupee

Net Profit == 96000-15520                  = 80480/-

तो ये है आपकी 2 महीने की इनकम।

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