Reading Time: 7 minutes

टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक नाम जो सबसे पहले आता है वह है कंप्यूटर आज के युग में मनुष्य पूरी तरह कंप्यूटर पर निर्भर हैΙ यहाँ हम बात करेंगे (कंप्यूटर क्या है)।अब कई लोग कहेंगे की हमें तो मालूम है की कंप्यूटर क्या है लेकिन ज़रा रुकिए आज में आपको कंप्यूटर के बारे में पूरी जानकारी दूंगा। जो शायद ही आपको मालूम होगी तो चलिए शुरू करते है। आज जो कंप्यूटर हम इस्तेमाल कर रहे है उसके अविष्कार के पीछे काफी वैज्ञानिको की सालो की मेहनत है।

ये भी पढ़ें: ब्लॉगिंग से ऑनलाइन पैसा कमाने के 5 तरीके – 5 Methods to Earn Income Online from blogging

1. कंप्यूटर क्या है , What is Computer  

अनुक्रमणिका (Index)

आसान भाषा में कहा जाये तो कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक यंत्र है जो यूजर द्वारा दिए गये निर्देशों  का पालन करता है। और  यूजर द्वारा  Input किये गये Data में प्रकिया करके सूचनाओ का  Result प्रदान करता है। इसमें  डेटा को स्टोर,पुन:प्राप्त करने क्षमता होती हैΙ आप इसका उपयोग रोजाना कई कामो में करते हो जैसे की दस्तावेजों को टाइप करने में ,विडियो गेम्स खेलने में, ईमेल भेजने में, मनोरंजन के लिए ,विडियो बनाने के लिए कई तरह से आप इसका इस्तेमाल करते हो ।

2. कंप्यूटर कैसे काम करता है:

इसके मुख्य रूप से तीन काम होते है :  पहला इनपुट जिसे हम  डाटा को लेना भी कहते है। दूसरा काम उस डाटा को प्रोसेसिंग का होता है और आखिर का काम उस प्रोसीड डाटा को दिखने का होता है जिसे आउटपुट कहते है।

ये भी पढ़ें: कम समय में एक Successful Blogger कैसे बने और पैसे कमाए

3. कंप्यूटर की फुल फॉर्म क्या है:

कंप्यूटर बहुउपयोगी मशीन होने के कारण  आज तक इसको कोई परिभाषा में नहीं बाँध पायाΙ कई संस्थाओ ने इसके अलग – अलग नाम रखे है लेकिन जो नाम सबसे प्रचलित हे वह यह है।

  • Commonly
  • Operated
  • Machine
  • Particularly 
  • Use for 
  • Technology
  • Educational 
  • Research          

4. कंप्यूटर का अविष्कार किसने किया

आधुनिक कंप्यूटर के निर्माण में कई लोगो का योगदान रहा है। लेकिन इन सब में सबसे बड़ा योगदान Charles Babbage का रहा है। क्योंकि उन्होंने ही सबसे पहले सन 1837 में  Analytical Engine का निर्माण किया था। इसलिए उन्हें कंप्यूटर का जनक भी कहा जाता है।

ये भी पढ़ें: High Quality Content क्या है और कैसे लिखे? in Hindi

5. कंप्यूटर का इतिहास एवं पीढियां:

Computer शब्द की उत्पत्ति लैटिन शब्द Compute से हुई थी। जिसका मतलब होता है गणना करनाΙ परंतु वर्तमान में इसका क्षेत्र सिर्फ  गणना करने तक सीमित नहीं है बल्कि अत्यंत व्यापक हो चुका है।  कंप्यूटर अपनी उच्च संग्रह क्षमता , शुद्धता , सार्वभोमिकता ,विश्वसनीयता ,याद रखने की शक्ति के कारण यह हमारे जीवन का हिस्सा बन चुका है। कंप्यूटर के होने  की वजह से लोग अपने कठिन से कठिन काम को भी मिनटों में कर लेते है।  

कंप्यूटर की पीढियां:

6. पहली पीढ़ी (vacuum tubes) :  

  • 1940 से 1956 तक की अवधि को कंप्यूटर की प्रथम पीढ़ी (First generation of computer) के रूप में मानी जाती है |
  • प्रथम पीढ़ी के (First generation of computer) कंप्यूटर बहुत बड़े आकार के होते थे क्योंकि प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर में कई सारे वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल किया जाता था|

प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर में निर्वात नली का प्रयोग परिपथ बनाने में किया जाता था और मेमोरी के लिया चुम्बकीय ड्रम प्रयोग में लाते थे | निर्वात नली के प्रयोग की वजह से इन कंप्यूटर से बहुत अधिक ऊष्मा उत्सर्जित होती थी जो इन कंप्यूटर की बहुत बड़ी समस्या थी | ये कंप्यूटर निम्न स्तरीय भाषा को समझ पाते थे इसलिए इनको को भी कार्य बताने के लिए बाइनरी भाषा काम में ली जाती थीΙ जो काम में लेने के लिए बहुत मुश्किल थी | क्योकि बाइनरी भाषा में समस्त निर्देश 0 और 1 के प्रयोग से लिखे जाते हैं जिनमे गलतियों को पहचानना बेहद मुश्किल कार्य होता था | ये कंप्यूटर एक समय में एक ही काम कर सकते थे | इनपुट व आउटपुट के लिए पंच कार्ड पर प्रिंट आउट का प्रयोग किया जाता था |

ये भी पढ़ें: Hindi Blogging Future – Full Information

7. दूसरी पीढ़ी (ट्रांजिस्टर )

ये कंप्यूटर प्रथम पीढ़ी की तुलना में तेज़ होते थे और इनमे निर्वात नली के स्थान पर ट्रांजिस्टर प्रयोग में लाया जाता था | इस ट्रांजिस्टर का आविष्कार 12 sep 1958 में हुआ, इसके प्रयोग के पश्चात कंप्यूटर की स्पीड पहले से तेज़ हो गयी परन्तु ये कंप्यूटर भी ऊष्मा उत्सर्जित करते थे | इस पीढ़ी के कंप्यूटर में भी इनपुट देने के लिए पंच कार्ड और आउटपुट प्राप्त करने के लिए प्रिंट आउट का ही प्रयोग किया जाता था | लेकिन प्रोग्राम लिखने के लिए बाइनरी भाषा की जगह असेंबली भाषा प्रयोग में लायी जाने लगी | असेंबली भाषा में अंग्रेजी के अक्षरों को कोड के रूप में प्रयोग में लिया जाता है |

COBOL और FORTRAN भाषाओ के प्रारम्भिक वर्जन का प्रयोग इसी समय किया जाने लगा, जो की उच्च स्तरीय भाषा के उदहारण है |

8. तीसरी पीढ़ी  (integrated circuit)

इस पीढ़ी में इनपुट देने के लिए कीबोर्ड और आउटपुट के लिए मॉनिटर का प्रयोग किया जाने लगा, और सबसे पहले ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग इस पीढ़ी में किया गया, जो की एक CUI आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम था | तृतीय पीढ़ी के कंप्यूटर में ट्रांजिस्टर के स्थान पर आई. सी. का प्रयोग किया जाने लगा | आई. सी. का अविष्कार 1958 में जैक किल्बी द्वारा किया गया | आई. सी. के प्रयोग से कंप्यूटर का आकार बहुत छोटा और पहले से तेज़ हो गये | इस पीढ़ी के कंप्यूटर में प्रोग्राम लिखने के लिए उच्च स्तरीय भाषा का प्रयोग किया जाने लगा और ये कंप्यूटर एक समय में एक से ज्यादा कार्य करने में सक्षम थे |

9.  चौथी  पीढ़ी (Microprocessor)

चतुर्थ पीढ़ी के कंप्यूटर की शुरुआत माइक्रोप्रोसेसर से हुई , जो की सिलिकोन से बनी एक चिप होती थी जिस पर हजारो आई.सी. एक साथ लगी होती है | इस पीढ़ी के कंप्यूटर में GUI आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग किया गया जो की काम में लेने के लिए बहुत आसान था।

GUI- Graphical User Interface

इस पीढ़ी में ही माउस का प्रयोग शुरू हुआ और प्रोग्राम लिखने के लिए कुछ उच्च स्तरीय भाषाओ को विकसित किया गया जैसे- C और C++ |

·        Intel कंपनी ने सर्वप्रथम 1971 में माइक्रोप्रोसेसर चिप का प्रयोग किया और उसे Intel-4004 नाम दिया |

·        1981 में IBM ने होम यूजर के लिए पहला कंप्यूटर बनाया |

·        1984 में APPLE कंपनी ने Macintosh- Operation System बनाया |

10. पांचवी पीढ़ी (Artificial Intelligence)

कंप्यूटर की पांचवी पीढ़ी ए.आई. के साथ विकसित हुई, ए.आई. से तात्पर्य है की एक मशीन जो मानवीय गुणों को समझ सके|

ये पीढ़ी अभी विकास की प्रक्रिया में हैΙ इस पीढ़ी के कुछ गुण हम आजकल उपकरणों में काम लेते है जैसे- फिंगर प्रिंट , रोबोट , आवाज द्वारा इनपुट देना आदि |

इस पीढ़ी का मुख्य उद्देश्य ऐसी मशीन का निर्माण करना है जो यूजर की भाषा को समझ सके और उसका जवाब दे सके और साथ ही वो मशीन सिखने में सक्षम हो

ये भी पढ़ें: Google AdSense ads.txt file kya hota? | Earnings at risk ko kaise solved kare full guide in Hindi 2021

 11. कंप्यूटर की परिभाषा (कंप्यूटर क्या है )

 कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक यंत्र है जो यूजर द्वारा दिए गये निर्देशों  का पालन करता हैΙ और  यूजर द्वारा  Input किये गये Data में प्रक्रिया  करके सूचनाओ का  Result प्रदान करता है Ι

12. भारत में कंप्यूटर युग का इतिहास 

भारत में कंप्यूटर युग की शुरुआत सन 1952 में भारतीय सांख्यिकी संस्थान कोलकाता से हुई थी। सन 1952 में आई एस आई में एक एनालोंग कंप्यूटर की स्थापना की गई थी जो भारत का प्रथम कंप्यूटर था। यह कंप्यूटर 10×10 की मैट्रिक्स को हल कर सकता था।भारत में कंप्यूटर युग की वास्तविक रूप से शुरुआत हुई सन 1956  में, जब आई एस आई कोलकाता में भारत का प्रथम इलेक्ट्रोनिक डिजिटल कंप्यूटर HEC – 2M स्थापित किया गया। यह कंप्यूटर केवल भारत का प्रथम इलेक्ट्रोनिक कंप्यूटर होने के कारण ख़ास नहीं था बल्कि इसलिए भी ख़ास था क्योंकि इसकी स्थापना के साथ ही भारत जापान के बाद एशिया का दूसरा ऐसा देश बन गया था जिसने कंप्यूटर तकनीक को अपनाया था।

ये भी पढ़ें: Free Plagiarism Checker for Hindi and English Text 2021

13. कंप्यूटर  हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर

कंप्यूटर का अपना कोई अस्तित्व नहीं होता है। इसे अपना कार्य करने के लिए कुछ महत्त्वपूर्ण उपकरणों तथा प्रोग्राम्स की ज़रूरत होती हैΙ यह पार्ट्स ही कंप्यूटर की जान हैΙ इन पार्ट्स के बिना कंप्यूटर बेजान है। कंप्यूटर हार्डवेयर मुख्य रूप से दो भागो में विभाजित  किये गये है।

        1.  इंटरनल हार्डवेयर 

         2.एक्सटर्नल हार्डवेयर 

ये पार्ट्स निम्नलिखित है :

         1.  इंटरनल हार्डवेयर  :

  • मदरबोर्ड 
  • रेम  (रेंडोम एक्सेस मेमोरी  )
  • रोम  (रीड ओनली मेमोरी )
  • सी.पी.यू (सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट )
  • हार्ड ड्राइव 
  • पी.एस.यू  ( पॉवर सप्लाई यूनिट )
  • एन.आई.सी  (नेटवर्क कार्ड )
  • हीट सिंक  (फैन)
  • जी.पी.यू (ग्राफिकल प्रोसेसिंग यूनिट )

          2.  एक्सटर्नल हार्डवेयर  

  • मॉनिटर
  • माउस
  • कीबोर्ड
  • प्रिंटर
  • स्पीकर
  • यूपीएस

14. कंप्यूटर के प्रकार :

 कंप्यूटर वेसे तो कई प्रकार के होते है लेकिन मुख्य रूप से यह चार प्रकार के होते है।

 1.Desktop:

डेस्कटॉप का इस्तेमाल ज़्यादातर कार्यालय, घरो ,स्कूलों एवं निजी संस्थानों में किया जाता हैΙ इसे हम देखते है की किसी एक जगह पर  रखकर इसका  उपयोग किया जाता हैΙ इसके बहुत से अंग है जेसे  मॉनिटर ,कीबोर्ड ,माउस, CPU आदि।

2. Laptop:

आज के आधुनिक युग में लैपटॉप का प्रचलन बहुत बढ़ गया है इसके मुख्य कारण ये है की इसे हम कही भी ले जा सकते है Ι इसका इस्तेमाल कार , रेल आदि में भी किया जा सकता हैΙ जिसकी वजह इसका बैटरी से चलना है और ये अपने छोटे आकार व् कम वज़न  के कारण लोगो की पहली पसंद बन गया हैΙ

3. Tablet:

टेबलेट को हम  Handheld कंप्यूटर भी कह सकते है क्यूंकि ये बड़ी आसानी से हाथ में पकड़ा जा सकता हैΙ इसमें कीबोर्ड,माउस वगैरह की ज़रूरत नहीं होती क्यूंकि ये स्क्रीन टच मोड पर कार्य करता हैΙ

4. Server :

सर्वर का कार्य सूचनाओ का आदान -प्रदान करना होता हैΙ जब भी हम कोई जानकारी इन्टरनेट पर खोजते है वह सारा डाटा सर्वर में स्टोर रहता है

ये भी पढ़ें: What to do before start a blogging

15. अन्य प्रकार के कंप्यूटर:

 1.Smartphones:

आजकल Cell Phones जिन्हें आम भाषा में मोबाइल फोंस भी कहा जाता हैΙ यह भी कंप्यूटर द्वारा होने वाले कई कार्य कर सकता है जैसे की  Internet Browsing, Paying games, Calculation ,Social media ,typing Documents. आदिΙ

2. पहनने योग्य :

पहनने योग्य अर्ताथ ऐसे यंत्र जिन्हें शरीर विशेष पर पहना जा सके खासकर हाथ परΙ यह यंत्र किसी कार्य विशेष के एक छोटे काम को करने के लिए बनाये गए है जेसे : Fitness tracker , Smartwatches आदि Ι

3. गेम कंसोल :

यह एक विशेष प्रकार का कंप्यूटर होता है जिसका उपयोग हम विडियो गेम्स खेलने के लिए करते है जेसे :Xbox, Playstation आदिΙ

 4. टीवी :

आजकल टीवी को भी कंप्यूटरस की तुलना में रखा जा सकता  है क्यूंकि टीवी पर भी आप अप्प्स,गेम्स,विडियो वगैरह देख सकते हैΙ

 16. कंप्यूटर का प्रयोग  :

आज के समय में शायद ही कोई ऐसा इंसान होगा जो कंप्यूटर से परिचित न हो Ι दुनिया के हर देश में कंप्यूटर का इस्तेमाल होता है Ι कंप्यूटर हमारी ज़िन्दगी का एक हिस्सा बन चुका है Ι हर कोई कंप्यूटर का इस्तेमाल अपने हिसाब से करता है Ι कंप्यूटर के उपयोग से हमारे कार्य में गति आ जाती है Ι कंप्यूटर का इस्तेमाल लगभग हर क्षेत्र में होता है चाहे वो शिक्षा का क्षेत्र हो चाहे वो मनोरंजन क्षेत्र हो या अन्य कोई भी क्षेत्र होΙ हर क्षेत्र में कंप्यूटर का प्रयोग होता है Ι कंप्यूटर ने मानव के जीवन को सुलभ बना दिया हैΙ

17. कंप्यूटर के लाभ तथा हानियाँ

कम्प्यूटर के लाभ और हानियाँ

कम्प्यूटर नेटवर्क और संचार ने क्रान्ति ला दी है।

लाभ

  • यह संचार का सबसे अच्छा माध्यम है।
  • इससे किसी भी संसाधन को साझा करने में आसानी होती है।
  • यह सभी प्रकार के फाइल को साझा करने की बेहतरीन मशीन है।
  • यह एक सस्ता यंत्र है।
  • इससे समय की बचत होती है।
  • इसमें डॉक्यूमेंट रखने के लिए बहुत जगह होती है।
  • इसे बहुत आसानी से समझकर इस पर कार्य किया जा सकता है।

हानियाँ

  • गलत तरीके से उपयोग करने पर समय की बर्बादी होती है।
  • इससे शारीरिक गतिविधियों में कमी होती है।
  • रक्त परिसंचरण सही से नहीं हो पता है।
  • ज्यादा भोजन खाना और मोटापा बढ़ना।
  • कमर और सर में दर्द की शिकायत।
  • आँखों या दृष्टि में कमजोरी होना।
  • अनिद्रा की असुविधा होना।
  • अगर आप लैपटॉप को अपने जांघ पर रखकर प्रयोग करते है तो नपुंसक हो सकते है।
अगर आपको ये आर्टिकल पसंद आया हो तो अपने दोस्तों में ज़रूर शेयर करे www.gyaanhindime.com पर आने के लिए धन्यवादΙ

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here